Gurugram News: गुरुग्राम में स्कूली वाहनों का नियमों को ध्यान में न रखकर चलाना एक चिंताजनक मुद्दा बन गया है।

वाहन चालकों की मनमानी हुई बच्चों के लिए बड़ा खतरा, स्कूली बच्चे आए दिन मौत के शिकार

Gurugram News: गुरुग्राम में स्कूली वाहनों का नियमों को ध्यान में न रखकर चलाना एक चिंताजनक मुद्दा बन गया है। अधिकांश स्कूली वाहन बुढ़ापे के शिकार हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ रहा है। यह समस्या खासतौर पर पब्लिक स्कूल के प्राइवेट वाहनों में देखी जा रही है। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के चलते, स्कूल बसें रोजाना बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डाल रही हैं।

महेंद्रगढ़ में हुआ बड़ा हादसा:

हाल ही में, महेंद्रगढ़ जिले के कनीना में हुए स्कूल बस हादसे में 6 बच्चों की मौत ने लोगों में आतंक पैदा किया है। इसके बावजूद, स्कूल प्रबंधन अपनी लापरवाही जारी रख रहा है। बच्चों की सुरक्षा के मामले में कोई भी सीरियस प्रयास नहीं किया जा रहा है।

होनी चाहिए सख्त गाइडलाइन:

इस समस्या को हल करने के लिए, स्कूली वाहनों के लिए सख्त गाइडलाइन होने चाहिए। उनमें वाहनों के रंग और प्रतीकों की स्पष्टता, स्कूल के नाम और पते की स्पष्ट उपस्थिति, सुरक्षा सुविधाओं की उपलब्धता, और चालकों की पेशेवरता शामिल होनी चाहिए।

अन्य वाहनों के लिए भी यह गाइडलाइन होनी चाहिए:

स्कूल बसों के साथ-साथ, थ्री व्हीलर और अन्य वाहनों का भी ध्यान रखना जरूरी है। इन वाहनों को भी समान रूप से परीक्षण और लाइसेंसिंग की आवश्यकता है। विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों की समुदाय में इस मुद्दे पर सहयोग की आवश्यकता है।

सख्त कार्रवाई है जरूरी:

स्कूली वाहनों की सुरक्षा में सुधार करने के लिए, सभी स्तरों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती, और अगर कोई भी नियम तोड़ा जाता है, तो सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस समस्या को सुलझाने में सकारात्मक सहयोग और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए, और हमें उन्हें सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।

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